बेवफा
उसने बदल दिया दिल - ऐ - गुलज़ार का मौसम
"स्वेता" क्या जाने, दिल कितना पाक था...
चेहरे की रौनक, नुमाइश नहीं थी करनी॥
दिल कुरेत लिया होता,,वफ़ा का ही राग था !!
लेबल: बेवफा
अपने दर्द, अपने एहसास और अपने ख्वाब को पन्नो पे लिखता हूँ,
उसने बदल दिया दिल - ऐ - गुलज़ार का मौसम
"स्वेता" क्या जाने, दिल कितना पाक था...
चेहरे की रौनक, नुमाइश नहीं थी करनी॥
दिल कुरेत लिया होता,,वफ़ा का ही राग था !!
लेबल: बेवफा
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