
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
नभ चमकते है तारो से, आँखों में सपने सजने लगे
धुंद फैलता अंगारों से, लौटने की आस बहने लगे
हवाओ की रुख भी तेरी कहानी सुनाती है..
वक्त पंखो का पर लगाये. कहाँ पहुँचा होता..
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
अनगिनत राही गए, हर में तुमको ढूँढता हूँ,
ह्रदय को सुख करने वाले, तेरे स्वर ढूँढता हूँ,
जग में मिलन की नदिया बहती, पर मैं अब भी प्यासा हूँ,
तेरे नाम स्पर्श स्वंदन, मेरा आधार और क्या होता
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
अब और कठिन है कौन्सना किसी को, एकांत जुदाई का सत्य बड़ा है
तेरी राह तकते मेरे नैन. राहों पे अडिग खड़ा है,
सांसें घूम - घूम कर, फ़िर – फ़िर कर, इंतज़ार के पल गिनती है,
अपनी आहों में भर कर प्रिये, प्यार जताते तो क्या होता
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
नभ चमकते है तारो से, आँखों में सपने सजने लगे
धुंद फैलता अंगारों से, लौटने की आस बहने लगे
हवाओ की रुख भी तेरी कहानी सुनाती है..
वक्त पंखो का पर लगाये. कहाँ पहुँचा होता..
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
अनगिनत राही गए, हर में तुमको ढूँढता हूँ,
ह्रदय को सुख करने वाले, तेरे स्वर ढूँढता हूँ,
जग में मिलन की नदिया बहती, पर मैं अब भी प्यासा हूँ,
तेरे नाम स्पर्श स्वंदन, मेरा आधार और क्या होता
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
अब और कठिन है कौन्सना किसी को, एकांत जुदाई का सत्य बड़ा है
तेरी राह तकते मेरे नैन. राहों पे अडिग खड़ा है,
सांसें घूम - घूम कर, फ़िर – फ़िर कर, इंतज़ार के पल गिनती है,
अपनी आहों में भर कर प्रिये, प्यार जताते तो क्या होता
तुम्हारा इंतज़ार इतना प्यारा है, अगर तुम आते तो क्या होता !!
लेबल: अगर तुम आते तो क्या होता

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ