शुक्रवार, 26 जून 2009

इश्क छुपाया न जाएगा

इश्क छुपाया न जाएगा

तेरी भीगी याद, अब अपने दिल से भुलाया न जाएगा
मेरे जैसा आशिक, अब इस सहर में पाया न जाएगा

मेरा इश्क कैसा है सब पूछेंगे सवाल तुमसे
तुझसे मेरा नज़राना - ए - इश्क बताया न जायेगा

सिर्फ मैं जानता हूँ क्या है हाल-ए-दिल मेरा,
ये दर्द किसी और को सुनाया न जायेगा,

हाँ, इतना कह सकता है ये दीवाना तेरा
कि ये कमबख्त इश्क अब हमसे निभाया न जायेगा.

सोमवार, 15 जून 2009

मयकदो में आ के देखना

कभी ग़म को सिने से भुला कर देखना
मयकदो में आओ तो मुझे बुला कर देखना

सालो हुआ किसी को ग़म सुनाये हुए
इस शहर – ऐ- ग़म में कभी आ के देखना

उनकी एक बेवफाई ने मयकदो की राह दिखा दी,
पर अब भी कहते है राहे वफ़ा आजमा के देखना

थे हम ही नादान महफिल-ऐ-वफ़ा में
बाज़ार लुटा मेरा, ज़रा वीरान – ऐ – बाज़ार देखना

दूर हो जायेंगे तेरे नज़रो से एक मर्तबा बोल तो ज़रा
जियेगा फिर भी “गोविन्द” बेवफाई में आ कर देखना

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गुरुवार, 4 जून 2009

प्यार कभी छुपाया न गया

मुझसे तुम्हारा प्यार कभी छुपाया न गया
पर मुझे कभी इश्क-ओ-याराना बताया ना गया
चाहता तो हूँ उनको दिल - ये - जान से ज्यादा
पर दिल को छोड़, जान भी बचाया न गया
वो तो कहती है, उनको भी मुझसे प्यार है
पर अपने होंठो पे कभी मेरा नाम लाया न गया
अब हम भी रोते है उनके नाम पर "गोविन्द"
जिनके नाम के साथ कभी मेरा नाम सजाया न गया