मंगलवार, 18 मई 2021

रोना नही , उजियारा अभी बाकी है।

रोना नही , उजियारा अभी बाकी है।

शहर बन्द है, बन्द है दुकाने
पर दिल के किसी कोने मे आशा बाकी है
तू रोना मत मेरे दोस्त, उजियारा अभी बाकी है।
उस पल को याद करना, दोस्तो का झुंड चौराहे पे,
चाय की टपरि पे खिल्खिलाहटो का माहौल,
दोस्तो को मिलने के लिये, भीन्च्ज जता है मन
बुजुर्ग कहते है, देश को किसी की बुरी नजर लग गयी है
पर हमे जीना है अपने लिये, अपनो के लिये,
इस डर के बाद जीत अभी बाकी है,
तू रोना मत मेरे दोस्त, उजियारा अभी बाकी है।

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