ऐ , मेरे जीवन के साथी

ऐ , मेरे जीवन के साथी
अक्सर बैठ यही सोचता हूँ
करके याद अक्सर तुम्हारी
क्या तुम्हे भी आती होगी
इसी तरह से याद हमारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी
रोज रात को सोते वक्त
एक झलक हथेली देखता हूँ,
तेरा चेहरा स्पष्ट दीखता
कानो से आभाष सुनता हूँ
क्या मेरा भी एहसास तुम्हे है
देखती हो सपने हमारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी
अब हर रात मुझे अधजगा लगता है
अक्सर बैठ यही सोचता हूँ
करके याद अक्सर तुम्हारी
क्या तुम्हे भी आती होगी
इसी तरह से याद हमारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी
रोज रात को सोते वक्त
एक झलक हथेली देखता हूँ,
तेरा चेहरा स्पष्ट दीखता
कानो से आभाष सुनता हूँ
क्या मेरा भी एहसास तुम्हे है
देखती हो सपने हमारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी
अब हर रात मुझे अधजगा लगता है
chhan भंगुर निशा का बहार
फासला काफी कठिन लगता है
कब आए मिलन का, त्यौहार
सहसा जाग ये ही सोचता हूँ
क्या उड़ती है नींद तुम्हारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी
फासला काफी कठिन लगता है
कब आए मिलन का, त्यौहार
सहसा जाग ये ही सोचता हूँ
क्या उड़ती है नींद तुम्हारी
ऐ, मेरे जीवन के साथी

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ